आज गुरु पूर्णिमा का पर्व मातृ सदन में मनाया जा रहा है।भारत वर्ष में इस पूर्णिमा का अति महत्त्व है।क्योंकि मनुष्य जन्म केवल इस लौकिक उपलब्धि के लिए ही नहीं है अपितु इस लोक के परे, पारलौकिक ज्ञान प्राप्त कर, तदनुकूल आचरण कर इस लोक के कर्मो को शुद्ध कर, उस लोक के मार्ग को प्रसस्त करना है।इसके लिए जीव के अज्ञान को नष्ट कर ज्ञान से जो आलोकित करता है उस परमात्म स्वरुप गुरु के प्रति समर्पण का यह दिन मनुष्य को अपने स्वरुप को प्राप्त करने में सहायक होता है।

असतोमा सद् गमय तमसोमा ज्योतिर्गमय 
मृत्योर्मा अमृतंगमय।

ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदाच्याते ।
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्ण मेववशिष्यते।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s